महासमुंद

महासमुंद/बसना: धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव शुरू नहीं, बंद हो सकती है खरीदी,मिलर्स द्वारा भेजे गए खराब बारदाना

महासमुंद/बसना। पिछले एक दिसंबर से धान खरीदी जारी है, लेकिन महासमुंद जिले के कई खरीदी केंद्र में उठाव को लेकर स्थिति खराब है। उठाव नहीं होने के कारण खरीदी बंद होने की संभावना है। इस कारण जिला प्रशासन को उठाव को लेकर ध्यान दिया जाना चाहिए। खरीदी शुरू होने के 12 दिन बीत जाने के बाद भी धान का उठाव शुरू नहीं हो सका है। केंद्रों में खरीदी एक लाख क्विंटल के करीब पहुंच चुकी है। प्रतिदिन औसतन आवक बढ़ रही है। समय पर उठाव कार्य नहीं किया गया तो खरीदी केंद्रों में धान का स्टाक बढ़ता जाएगा।

बसना शाखा के अंकोरी, चिमरकेल, धुमाभाठा,गौरटेक, खरोरा,बिछियां,भुकेल,बड़ेसाजापाली,सलखण्ड, रोहिना जैसे कई धान खरीदी केंद्रों में अब तक करोड़ रुपये से अधिक की धान खरीदी की जा चुकी है। बाराडोली धान उपार्जन केंद्र में बफर लिमिट से भी ज्यादा धान खरीदी हो जाने से प्रभारी, समिति प्रंबंधक को चिंता सता रही है, बता दें कि बाराडोली धान खरीदी केंद्र की बफर लिमिट 15000 बोरी है।लेकिन समिति द्वारा अब तक 22000 बोरी धान खरीदा जा चुका है, दो दिनों बाद धान खरीदी बंद भी हो सकता है।केंद्रों में धान की आवक बढ़ने से रखने की जगह कम पड़ रही। केंद्रों में बनाए गए चबूतरे धान से भरते जा रहे हैं। समय रहते उठाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो किसानों को समस्या होगी।

फ़टे पुराने बारदानों से किसानों की बढ़ रही है मुश्किलें
इस वर्ष धान खरीदी के लिए नए बारदाना नहीं भेजा गया है, पुराने बारदानों पर ही इस वर्ष खरीदी की जा रही है। दो बार से अधिक उपयोग किए जा चुके बारदानों में धान भरने के कारण दाने झड़ रहे हैं। चंडिका एग्रो इंडस्ट्रीज बसना, संजय राइस एंड्रस्टीज बसना,सपनेश्वर राइस मिल बसना,श्री बालाजी इंडस्ट्रीज झलप, अग्रवाल धान प्रशोधन केंद्र पिथौरा जैसे कई राइस मिलर्स के भेजे गए बारदाने काफ़ी संख्या में अनुपयोगी निकल रहे हैं।

राइस मिलर्स द्वारा भेजे गए बारदानों से खरीदी का कार्य जारी है, ख़रीदी प्रभारियों ने बताया कि राइस मिलर्स द्वारा भेजे गए बारदानों में लगभग 30 % बारदाना फ़टे एवं खराब अवस्था में है, जिससे बारदाने की कमी होना लाजिमी है। लिहाजा किसानों के मुश्किलें बढ़ रही है।बाराडोली के किसान सालिकराम रात्रे,प्रेमलाल नायक, रामेश्वर चौहान, साबितराम निषाद, आनंदराम डडसेना, हरिलाल बरिहा, डोलामणि रात्रे जैसे कई किसानों ने बताया कि बारदाना की कमी के वजह से धान खरीदी प्रभावित हो रही है, 2 दिनों के बाद खरीदी बंद भी हो सकती है, किसानों के बढ़ रहे कर्ज लगातर उनको सता रही है,

रकबा घटने की समस्या से जूझ रहे किसान
खरीदी केंद्रों में धान बेचने के लिए टोकन कटाने किसान पहुंच रहे हैं। यहां आने के बाद पता चल रहा है कि बीते वर्ष की अपेक्षा उनका रकबा कम हो गया है। कृषि पर्ची में दर्ज रकबा के अनुसार पंजीयन में सुधार कराने के लिए उन्हें राजस्व अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है। समस्या केवल रकबा घटने की ही सीमित नहीं है, बल्कि कई किसानों को अभी तक उत्पादन प्रमाण पत्र भी नहीं मिला है। इस वजह से वे टोकन नहीं कटा पा रहे हैं। केंद्रों में पटवारियों की भी अनुपस्थिति देखी जा रही है।

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